भूमिका (Introduction) क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है? आप किसी भीड़ भरी जगह पर खड़े हैं — शायद किसी शादी में, मेट्रो स्टेशन पर, या किसी कैफे में — और अचानक आपकी नज़र किसी अजनबी से मिलती है। दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है। गले में कुछ अटक जाता है। और दिमाग में एक आवाज़ आती है: "यही है वो।" बस एक नज़र में। बिना कुछ जाने। बिना कुछ समझे। हम इसे "पहली नज़र का प्यार" कहते हैं। फ़िल्में इसी पर बनती हैं। गाने इसी पर लिखे जाते हैं। लेकिन क्या यह सच में प्यार होता है? या यह हमारा दिमाग हमें कोई खेल दिखा रहा होता है? आज हम इसी सवाल का जवाब खोजेंगे — psychology की रोशनी में। एक छोटी सी असल कहानी आर्यन 27 साल का एक साधारण IT professional है। ज़िंदगी उसकी तय लीक पर चल रही थी — सुबह office, शाम gym, रात Netflix। एक दिन वो अपने दोस्त की engagement party में गया। पार्टी बोरिंग थी, लोग अजनबी थे, और वो कोने में खड़ा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। तभी उसकी नज़र रिया पर पड़ी। रिया हँस रही थी — किसी बात पर — और उसकी हँसी में एक अजीब सी रोशनी थी। उसने नीली साड़ी पहनी हुई थी। बाल हवा...

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